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पत्नी वामांगी क्यों

पत्नी वामांगी क्यों  कहलाती है?   शास्त्रों में पत्नी को वामंगी कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाएं अंग का अधिकारी। इसलिए पुरके शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का माना जाता है।   इसका कारण यह है कि भगवान शिव के बाएं अंग से स्त्री की उत्पत्ति हुई है जिसका प्रतीक है शिव का […]

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महाकालेश्वर की कथा

महाकालेश्वर की कथा उज्जयिनी में राजा चंद्रसेन का राज था। वह भगवान शिव का परम भक्त था। शिवगणों में मुख्य मणिभद्र नामक गण उसका मित्र था। एक बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय ‘चिंतामणि’ प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल तो जगमगा ही उठा, साथ ही

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गरुड़ पूरण के अनुसार इन्सान की मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है🌹

सनातन धर्म ज्ञान     🌹 गरुड़ पूरण के अनुसार इन्सान की मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है🌹   हर इंसान की जिंदगी में कई तरह समय आते हैं.   लेकिन ये अटल सत्य है कि हर किसी का एक दिन मरना तय है. अब सवाल यहां ये है कि आखिर इंसान की

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पौडियों का रहस्य …….

पौडियों का रहस्य ……. रावण ने बनाई थी स्वर्ग तक की सीढ़ी, लेकिन क्यों वह असुरों को नहीं पहुंचा पाया वहां……… . रावण एक प्रकांड विद्वान्, उच्च कोटि का ज्योतिषशास्त्री था। वह भगवान शिव का परम भक्त था और कई बार शिवजी को प्रसन्न कर उसने सिद्धियां प्राप्त की थीं। . कहते हैं पहली बार

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भगवान श्रीकृष्ण के उन भाइयों के नाम जिन्हें जेल में ही कंस ने मार दिया था

भगवान श्रीकृष्ण के उन भाइयों के नाम जिन्हें जेल में ही कंस ने मार दिया था यदुवंश में शूरसेन नाम के एक पराक्रमी क्षत्रिय हुए। उनकी पत्नी का नाम मारिषा था। उनके दस पुत्र हुए। वसुदेवजी उनके सबसे श्रेष्ठ पुत्र थे। इनका विवाह देवक की सात कन्याओं से हुआ। वसुदेवजी की पौरवी, रोहिणी, भद्रा, मदिरा,

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ॐ नाद का रहस्य 

ॐ नाद का रहस्य  “ॐ” ऐसा चमत्कारिक शब्द है जो कुछ ही दिनों में आपकी तमाम परेशानियों को खत्म करके आपके पूरे जीवन को बदलकर रख सकता है….। तमाम लोगों का ये कहना होता है उन पर काम का बोझ इतना ज्यादा है कि वे चाहकर भी भगवान के ध्यान, पूजा पाठ, योग व प्राणायाम

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माया क्या है? माया की परिभाषा और उसके प्रकार?

माया क्या है? माया की परिभाषा और उसके प्रकार?   मैं अरु मोर तोर तैं माया। जेहिं बस कीन्हे जीव निकाया॥ गो गोचर जहँ लगि मन जाई। सो सब माया जानेहु भाई॥   मैं और मेरा, तू और तेरा- यही माया है, जिसने समस्त जीवों को वश में कर रखा है॥ इंद्रियों के विषयों को

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शिव धनुष (पिनाक) क्यों टूटा

शिव धनुष (पिनाक) क्यों टूटा क्या श्रीराम का पिनाक को भंग करना उचित था? . माता सीता के स्वयंवर के विषय में हम सभी जानते हैं। इसी स्वयंवर में श्रीराम ने उस पिनाक को सहज ही उठा कर तोड़ डाला जिसे वहाँ उपस्थित समस्त योद्धा मिल कर हिला भी ना सके। . हालाँकि कई लोग

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पराकर्मी नागों के पृथ्वी पर जन्म लेने से सम्बंधित पौराणिक कहानी सुनाते है

हमारे धर्म ग्रंथो में शेषनाग, वासुकि नाग, तक्षक नाग, कर्कोटक नाग, धृतराष्ट्र नाग, कालिया नाग आदि नागो का वर्णन मिलता है। आज हम आपको इस लेख में इन सभी नागो के बारे में विस्तार से बताएंगे। लेकिन सबसे पहले हम आपको इन पराकर्मी नागों के पृथ्वी पर जन्म लेने से सम्बंधित पौराणिक कहानी सुनाते है।

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भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों.. 

भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों..  शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं जाता है। जब व्यक्ति आधी परिक्रमा करता है तो उसे चंद्राकार परिक्रमा कहते हैं। शिवलिंग को ज्योति माना गया है और उसके आसपास के क्षेत्र को चंद्र। आपने आसमान में अर्ध चंद्र

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